BRICS WBA क्रिएटिव इंडस्ट्रीज वर्किंग ग्रुप के नेतृत्व का परिचय
हमें इसके गठन पर गर्व है। BRICS रचनात्मक उद्योग कार्य समूह और यह उल्लेखनीय महिलाएं इसका नेतृत्व कौन करेगा? फिल्म, प्रौद्योगिकी, डिजाइन, गेमिंग, शिक्षा और मनोरंजन जगत के नेता अब इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
The BRICS रचनात्मक उद्योग कार्य समूह यह पहल BRICS देशों के नेताओं को एक साथ लाती है ताकि रचनात्मक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग, नीतिगत संवाद और आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सके। भारत का अध्याय देश की तेजी से विस्तारित रचनात्मक अर्थव्यवस्था और वैश्विक सांस्कृतिक मंच पर इसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
कुर्सी
अवर्णा जैन
सारेगामा इंडिया लिमिटेड के उपाध्यक्ष 
सह-अध्यक्ष
शिलांगी मुखर्जी
निदेशक एवं प्रमुख, अमेज़न प्राइम वीडियो एसवीओडी व्यवसाय, भारत
BRICS WBA क्रिएटिव इंडस्ट्रीज वर्किंग ग्रुप 2026
| नाम | देश | पद का नाम | संगठन |
| श्रुति वर्मा | भारत | सदस्य | गेम डेवलपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी |
| अश्विनी अय्यर तिवारी | भारत | सदस्य | फिल्म निर्माता; अर्थस्काई पिक्चर्स के सह-संस्थापक |
| फाल्गुनी वासवदा ओझा | भारत | सदस्य | प्रोफेसर एवं सह-अध्यक्ष, सीसीसी (क्रिएटिव कम्युनिकेशन का निर्माण) और एलएमडीपी (लर्निंग एंड मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम), एमआईसीए |
| लक्ष्मी खानोलकर | भारत | सदस्य | अपार गेम्स के सह-संस्थापक और सीईओ |
| चारुवी अग्रवाल | भारत | सदस्य | चारुवी डिज़ाइन लैब्स के संस्थापक |
| अपर्णा पुरोहित | भारत | सदस्य | आमिर खान प्रोडक्शंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी |
| तहज़ीब खुराना | भारत | सदस्य | क्लाइम्ब मीडिया (आई) प्राइवेट लिमिटेड के क्रिएटिव डायरेक्टर और मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल्स काउंसिल (एमईएससी) के गवर्निंग काउंसिल सदस्य |
| विवियन साराइवा | ब्राज़िल | कुर्सी | मुख्य वित्तीय अधिकारी, सिस्टैक |
| युलियाना स्लैशचेवा | रूस | कुर्सी | एसएमएफ स्टूडियो (सोयुज़मुल्टफिल्म) के निदेशक मंडल के अध्यक्ष, रूसी एनिमेटेड फिल्म एसोसिएशन के प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष, गोर्की फिल्म स्टूडियो के सीईओ |
| केरूशा पिल्लै | दक्षिण अफ्रीका | कुर्सी |
ये सभी नेता मिलकर भारत के रचनात्मक पारिस्थितिकी तंत्र के हर कोने से विशेषज्ञता का संचार करते हैं। BRICS क्रिएटिव इंडस्ट्रीज वर्किंग ग्रुप में उनकी भागीदारी भारत के रचनात्मक क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक सहयोगी शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




